Twitter Gyan – 12 Jul 2016

सामाजिक भेदभाव का बेहतरीन उदाहरण:-
मिसेज़ ओबेरॉय के हस्बैंड ड्रिंक करते है।
सरला का पति शराब पीता है।
गंगुबाई का आदमी बेवड़ा है।


ये गली मौहल्ले का क्रिकेट है गालिब
यंहा आउट-नॉटआउट के फैसले अंपायर नही लेता
मां-बाप की कसमे खा कर तय किया जाता है
कौन सही है


किसी भी कागज पर वजन रखे तो वो अपनी जगह से हिलता नही~ न्युटन
लेकिन सरकारी कागज पर वजन रखने से वो तेजी से हिलता है ~


भारतीय-हिन्दुस्तानी सरकारी कर्मचारी बहुत तेज़ और काबिल होते हैं
रूसी-वो कैसे ?
भारतीय-छुट्टी 5 बजे होती है पर वो 4 बजे ही घर पहुँच जाते हैं


एक दुकान पर बोर्ड लगा हुआ था..
जिस पर लिखे हुए शब्द..
“ग्राहक हमारे भगवान हे और भगवान को हम उधार दे इतनी हमारी ओकात नही”


वास्तविकता…
किसी लडके को बाप बनने पर इतनी खुशी नहीं होती होगी
जितनी Fb पर किसी कन्या की Frnd Request देखकर होती है


केजरीवाल के पैदा होने से पहले डॉक्टर घरवालों से बोला :-
बच्चा आ नहीं रहा है, बोलता है पहले डॉ. की डिग्री दिखाओ।
अन्दर धरने पर बैठा है।


आज कल whatsapp पर वो लोग Admin बने हुऐ हें जो स्कूल टाइम में दो दो घण्टे मुर्गा बना करते थे ।

एक चिड़ा था…एक चिड़ी थी….. दोनों की शादी हो गयी और…वो चिड़चिड़े हो गए।

लगता है खुदा ने दिल बनाने का काँन्ट्रेक्ट चाईना को दे दिया है… आज कल टूट बहुत रहे है…


2-2 फोन रखने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि
रात को सोने से पहले
एक फोन से दूसरे पर कॉल करके
खुद से पूछ लेता हूं
मेरे बाबू ने खाना खाया के नही


केजरीके विश्वास को देखकर लगता है मानो एक-एक करके हर राज्य को बर्बाद करने का सुपारी लिया हो,वो भी अपने बेटे के कसम पर


इंजीनियरिंग का एक फायदा तो नजर आता है,
इतना समय मिल जाता है कि साथ मे दो-चार और भी डिग्री कोर्स आराम से कर सकते हो।


हिन्दू धर्म मे धार्मिकता मोक्ष प्राप्ति के लिए होता है,
वहीँ इस्लाम मे धार्मिकता को लोग 72हूरो की प्राप्ति मान बैठे है।


जिनको किसानो का दर्द देखना है उन्हें पंजाब जाना चाहिए-राहुल गांधी
और जिनको राहुल गांधी का दर्द देखना है उन्हें बैंकॉक जाना चाहिए।


साधू-आप कौन है
पादरी-मैं तूम्हारा बाप हू
लोग मुझे ‘फादर कहते है
पादरी-आप कौन हो
साधू- मैं तुम्हारे बाप का भी बाप हू
मुझे ‘बाबा कहते है

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